BST कम्पनी के मजदूरों ने DM कोर्ट में प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी कार्यबहाली समेत 5 सूत्रीय मांगपत्र दिया
रुद्रपुर। गत 11 मार्च 2052 सिडकुल पंतनगर के सेक्टर -09,प्लॉट संख्या -09 स्थित BST कम्पनी की महिला मजदूरों के नेतृत्व में आज मजदूर कलेक्ट्रेट रुद्रपुर (उत्तराखंड) पहुंचे। उपजिलाधिकारी महोदय से मुलाक़ात की गईं। उन्हें अवगत कराया गया कि कम्पनी मालिक कम्पनी की गैरकानूनी मिलबंदी के दौरान निरंतर कम्पनी से अवैध रूप से चोरी छिपे कच्चा- पक्का माल और यहाँ तक कि स्क्रेप भी बाहर निकाल चुका है। अब गैरकानूनी रूप से चोरी-छिपे मशीनों को उठाने की साजिश रची जा रही है। तांकि कम्पनी का उत्तराखंड राज्य से बाहर गैरकानूनी पलायन किया जा सके। उनसे एकस्वर में मांग की गईं कि न्यायहित में तत्काल कम्पनी को सीलबंद करके विवाद के समाधान होने तक कम्पनी को प्रशासन के नियंत्रण और निगरानी में लिया जाये। कम्पनी की गैरकानूनी मिलबंदी ख़त्म कराके सभी 500 मजदूरों की सवेतन कार्यबहाली कराई जाये।
★उन्हें अवगत कराया गया कि BST कम्पनी मालिक ने 31 दिसंबर 2024 को कम्पनी की गैरकानूनी मिलबंदी करके करीब 500 स्थाई मजदूरों को बेरोजगार करके बच्चों सहित भूखों मरने को छोड़ दिया है। किन्तु श्रम विभाग और शासन-प्रशासन पूरी तरह से मूकदर्शक बना हुआ है। जिससे कम्पनी मालिक के हौसले बढ़ चुके हैं।
★अवगत कराया कि संराधन अधिकारी /सहायक श्रमायुक्त महोदया, रुद्रपुर की मध्यस्थता में दिनांक 27/01/2025 को हुईं त्रिपक्षीय संराधन वार्ता के दौरान कम्पनी प्रबंधन द्वारा स्वयं ही यह कथन किया गया है कि कारखाने में 450 श्रमिक कार्यरत हैं जो कि वार्ता के कार्यवृत्त में दर्ज है।जबकि उपरोक्त कारखाने में 500 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।उत्तराखंड राज्य का कानून कहता है कि जिन कारखानों में 300 या उससे ज्यादा मजदूर काम करते हैं उनकी मिलबंदी करने से पूर्व कम्पनी मालिक को उत्तराखंड शासन से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य शर्त है। उत्तराखंड शासन की अनुमति के बिना ऐसे कारखानों की मिलबंदी करना पूर्णतः गैरकानूनी कृत्य है। उत्तराखंड /उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा -6(w)का घोर उल्लंघन है।घोर अपराधिक कृत्य है। जिस हेतु श्रम विभाग और जिला प्रशासन को मामला संज्ञान में आते ही BST कंपनी मालिक के विरुद्ध तत्काल उत्तराखंड /उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा -14(B)के तहत विधिक कार्यवाही अमल में लानी चाहिए थी। सक्षम न्यायालय में प्रभिवाद दायर करना चाहिए था।
★उपरोक्त सन्दर्भ में जिलाधिकारी महोदय से भी मुलाक़ात की गईं ।उनसे तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गईं। साथ ही चेतावनी भी दी गईं कि न्याय नहीं मिला तो अतिशीघ्र रुद्रपुर शहर में विशाल मजदूर महापंचाय आयोजित करके आंदोलन तेज किया जायेगा।
★आज के कार्यक्रम में आशा रावल, कविता,दीपा, प्रीति, सीमा, बिमला, छवि, लीलावती, शांति देवी, तरावती, यशोदा,हेमा, ज्योति, सुनीता, विनीता, भावना, राधिका, तारा, शीला, कपिल, अनिल तिवारी, दिनेश, विनीत मिश्रा, हरिशंकर, आदर्श, मुकेश, सुंदर, विजेंद्र, नितेश सहित बड़ी संख्या में महिला मजदूरों ने भागेदारी की।
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