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Showing posts from August, 2024

एटीएस के साथ-साथ उप संभागीय कार्यालय में स्वस्थता जांच/प्रमाण पत्र जारी करने का विकल्प उपलब्ध: मिश्र

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रूद्रपुर , सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन चक्रपाणि मिश्र ने बताया कि परिवहन व्यवसायियों द्वारा की गई शिकायतों के क्रम में परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा इन्टरनेशनल सेंटर ऑफ ऑटोमोटिव टैक्नोलॉजी (आईसीएटी) को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का ऑडिट करते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है, साथ ही परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की ऑडिट आख्या प्राप्त होने तथा उस पर यथोचित निर्णय होने तक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के साथ-साथ उप संभागीय कार्यालय में स्वस्थता जांच/प्रमाण पत्र जारी करने का विकल्प वाहन स्वामियों/चालकांे को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है। एआरटीओ ने बताया कि इस संबंध में 20 अगस्त को बस एवं ट्रक यूनियन के प्रतिनिधियों व विभिन्न वाहन चालकों से वार्ता कर उन्हें जागरूक किया गया है, साथ ही कार्यालय के दर्शनीय स्थल पर वाहन चालकों/स्वामियों के संज्ञानार्थ नोटिस लगाया गया है। उन्होने बताया कि मंगलवार को उप संभागीय परिवहन कार्यालय स्तर पर 12 वाहनों की फिटनेस संबंधी कार्यवाही की गई है। उन्होने बताया कि उप संभागीय...

फुटेला हॉस्पिटल में काम करने वाली नर्स की निर्मम हत्या और दुष्कर्म की हो उच्च स्तरीय जांच: खालसा

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रुद्रपुर शनिववार 17अगस्त 2024)-रुद्रपुर के फुटेला अस्पताल की नर्स के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार सुरक्षा एवं अपराध निरोधक संगठन के जिला अध्यक्ष निरवैर सिंह खालसा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए। संगठन की एक जरूरी बैठक में चर्चा करते हुए, प्रेस को जारी बयान कहा है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और परिवार को उच्च स्तरीय जांच कर संतुष्टि प्रदान की जाए। रुद्रपुर ही नहीं पूरे समाज में महिलाओं के साथ उत्पीड़न और दुष्कर्म के साथ-साथ निर्मम हत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अतः सरकार को चाहिए कि इस प्रकार के मामलों को ध्यान में रखते हुए मामलों की उच्च स्तरीय जांच हो एवं भविष्य में इस तरीके की घटनाएं न हो इसको लेकर कठोर कानून भी बनाए जाएं जिससे इस तरीके से जगण्य अपराध करने वाले अपराधियों में भय पैदा हो। इस दौरान जिला प्रभारी निर्मलजीत सिंह, जिलासचिव अमर जीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद सैफ़ी, हरविन्दर सिंह चावला, तनवीर अहमद, जिला महासचिव उपदेश सक्सेना, मुकेश कनौजिया, महेंद्र पाल, आसिम, रफीक, प्रेमकुमार

15 हजार से भी अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में रेस्क्यू अभियान संपन्न

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व तथा निर्देशन में केदारघाटी में अतिवृष्टि के चलते मार्ग अवरुद्व होने से विभिन्न स्थानों पर रुके यात्रियों का रेस्क्यू अभियान मंगलवार को पूरा हो गया है। 31 जुलाई को केदारघाटी में अतिवृष्टि के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग में अलग-अलग स्थानों पर फंसे यात्रियों को सकुशल रेस्क्यू करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं रेस्क्यू अभियान की सतत निगरानी की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने तथा लोगों का रेस्क्यू करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। गत 6 अगस्त को जारी प्रेस नोट के अनुसार मुख्यमंत्री ने स्वयं दो बार आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। राहत और बचाव कार्यों में लगी टीमों को जिन भी संसाधनों की जरूरत थी, मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री रेस्क्यू अभियान की पल-पल की जानकारी लेते रहे। राहत और बचाव कार्यों के लिए जितने भी संसाधनों तथा मैन पॉवर की आवश्यकता थी, मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशन में इतनी बड़ी आपदा तथा व्यापक स्तर पर हुए नुकसान के बावजूद एक ...

’बांग्लादेश: शरणार्थी बनी शेख हसीना’ ’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’

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(राकेश अचल) बांग्लादेश में तख्ता पलट न अप्रत्याशित है और न इसे टाला जा सकता था, क्योंकि जिस तरह से प्रधानमंत्री शेख हसीना देश को चला रहीं थीं उसका हासिल यही होना था। शेख हसीना अपने मुल्क में तख्ता पलट होते ही पद से इस्तीफा देकर शरणार्थी बन गयीं हैं, लेकिन बांग्लादेश की आग की जलन आस-पड़ौस में भी महसूस की जा रही है। 53 साल के बांग्लादेश को ये दिन क्यों देखना पड़ रहे हैं इसका विश्लेषण अब बहुत जरूरी हो गया है। आज से 53 साल पहले 1971 में बांग्लादेश जिन परिस्थितियों में बना था तब से अब तक बहुत कुछ बदला है। भारत ने 6 दिसंबर, 1971 को बांग्लादेश को एक स्वतंत्र देश के तौर पर मान्यता दी थी, हालांकि तब वह पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा था, कोई 10 दिन बाद बांग्लादेश को पूर्ण आजादी तब मिली थी जब पाकिस्तान की सेना ने भारत की सेना के सामने हथियार डाल दिए थे। बांग्लादेश स्वाभाविक रूप से भारत का मित्र है और पिछले 53 साल में तमाम उठपटक के बावजूद भारत और बांग्लादेश में अपवादों को छोड़कर कभी अनबन नहीं हुई। जानकार कहते हैं कि दक्षिण एशिया के देशों में बांग्लादेश के सबसे करीबी संबंध भारत के साथ ही हैं। सिर्फ ...